ये हैं वो 4 लोग जिन्हें कोई भी देश नही देता है नागरिकता 

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maha mamo from lebnon and syria

हम में से कई लोग अपनी राष्ट्रीयता और नागरिकता को हल्के में लेते हैं। पर जब कोई देश हमे अपने नागरिकता देने से इंकार करता है तो इसका का दर्द वही बता सकते है, जिनका अभी तक कोई देश नहीं है। आज हम बात करने जा रहे है ऐसे 4 लोगो की जो किसी भी देश को अपना नहीं कह सकते। सबके पीछे कोई न कोई वजहें बनीं कि इन्होंने अपनी नागरिकता खो दीं। किसी को देश से बाहर कर दिया गया, तो कोई अपनी नागरिकता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं दे पाया।

महा मामो

महा मामो   

महा मामो लेबनान में पैदा हुईं महा मामो वो देश तलाश रही हैं, जो उन्हें अपनी नागरियता देने के लिए तैयार हो। महा मामो के पिता सीरियन थे और उसकी मां लेबनान की नागरिक। लेबनान में पैदा होने के बावजूद उसे यहां की नागरिकता इसलिए नहीं मिली, क्योंकि उसके पिता सीरियन थे। साथ ही उन्हें  सीरिया में भी मान्यता नहीं दी गई,  क्योंकि सीरियन सरकार ईसाई पिता और मुस्लिम मां के बीच शादी की अनुमति नही देती ।

हालांकि, महा मामो खुशकिस्मत निकली कि उन्हें 2014 में लेबनान में ब्राजील की एम्बेसी ने मानवीय आधार पर अपनी तरफ से वीजा और ट्रैवल डॉक्युमेंट दिया।

सेज चुंग च्युंग

सेज चुंग च्युंग

सेज चुंग च्युंग  भी महा मामो की तरह है, सेज चुंग च्युंग की मां बेल्जियन और पिता हांगकांग के नागरिक हैं, लेकिन सेज चुंग च्युंग को दोनों में से किसी भी देश की नागरिकता नही मिली। वो हांगकांग में पैदा हुआ और बेल्जियन की नागरिकता का इस्तेमाल कर रहा था। बेल्जियम के कानून के मुताबिक,  जो भी नागरिक देश के बाहर पैदा हो, उसे 18 से 28 साल की उम्र तक देश में रहना जरूरी होता है। पर सेज ने इनमें से एक भी चीज पूरी नहीं की। सेज ऐसा पहला शख्स है, जिसने अपनी नागरिकता खो दी।

इउन जू

इउन जू

इउन जू को नाता नॉर्थ कोरिया और चीन से है, लेकिन उसे किसी देश ने नहीं अपनाया। जू की मां और नानी पार्क चीन जाने से पहले तक नॉर्थ कोरिया की नागरिक थीं। चीन में इउन जू की मां ने एक कोरियन-चीनी शख्स से शादी कर ली। 2006 में चीन से साउथ कोरिया भागने के दौरान इउन जू की मां लापता हो गईं। वहीं, उसके पिता की 2007 में एक एक्सिडेंट में मौत हो गई। ऐसे में जू और उसकी नानी पार्क 2012 तक चीन में रहे। इसके बाद पार्क अपनी दूसरी बेटी की कैंसर की खबर सुनकर  साउथ कोरिया पहुंच गई। हालाँकि नानी को नागरिकता दे दी, लेकिन दो साल बाद 2014 में जब इउन जू अपनी नानी के पास पहुंचा, तो पार्क ने उसे नागरिकता दिलाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नही हुए। साउथ कोरिया के लॉ के मुताबिक, जिंदा पेरेंट्स के बिना ये देश किसी को भी नागरिकता नहीं देता। भले ही ग्रैंडपेरेंट्स उसे जिंदा रिश्तेदार के तौर पर मौजूद हों।

मुहम्मद इदरिस

मुहम्मद इदरिस

भारत में जन्में इदरिस शादी के बाद पाकिस्तान चले गए और वहां की नागरिकता ले ली थी। लेकिन भारत-पाकिस्तान के तनावभरे रिश्तों के चलते मुहम्मद इदरिस का कोई देश नहीं रहा। मुहम्मद इदरिस

1999 तक पाकिस्तान में ही रहे, लेकिन अचानक भारत में रह रहे पिता की तबियत बिगड़ने की खबर पर वो वापस भारत आ गये। दुर्भाग्यपूर्ण इसी बीच मुहम्मद इदरिस के पिता की मौत हो गई और उसे वीजा की अवधि से तीन दिन ज्यादा रहना पड़ा। इसके बाद उसने इंडियन अथॉरिटी से संपर्क किया, लेकिन गलतफहमी के कारन उन्हें पाकिस्तानी जासूस होने के शक में अरेस्ट कर लिया गया। इदरिस कोर्ट से रिहाई मिलने तक करीब 10 साल भारतीय जेल में बिताने पड़े। इसके बाद उसने जब पाकिस्तान लौटने की कोशिश की, तो उसे भेज दिया गया, लेकिन पाकिस्तान ने उसकी नागरिकता रद्द कर दी गई थी। ऐसे में वो दोनों में से किसी भी देश का नहीं रहा।

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