अपने जूनून के चलते ये लड़की 4 बार ठुकरा चुकी है सरकारी नौकरी

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दोस्तों आज हम आपको बताने जा रहे है एक ऐसी कवयित्री के बारे में जिन्होंने अपने कविता लिखने के जूनून के चलते 4 बार सरकारी नौकरी के अवसर ठुकरा दिए | डॉ. अनामिका अम्बर बुंदेलखंड की एक विख्यात कवयित्री है जिन्होंने कविताएँ पड़ने का अपना ही तरीका इजाद किया है | जहाँ आज के दौर में लोग सरकारी नौकरी के पीछे भाग रहे है इन्होने अपने कविता के जूनून को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के चलते सरकारी नौकरी को भी आड़े नहीं आने दिया | इंटरव्यू में उन्होंने अपनी सोच और कविताओं के बारे में बहुत कुछ बताया | अनामिका जी आज सिर्फ कविता ही लिखती है | जब वो मात्र 11 साल की थी तो उन्होंने कविता लिखना शुरू किया था | अनामिका जी का मानना है की आज सिर्फ कविता को लिखना ही मायने नहीं रखता | आज ये भी जरुरी है की कवि अपनी कविता को कितने प्रभावी और निराले ढंग से प्रस्तुत कर रहे है | अब कवि का रहन सहन, बोलने का तरीका, हाव भाव और बॉडी लैंग्वेज भी काफी मायने रखती है |Anamika-Amber-Jain-in-Kavi-Sammelan

में तुझे जान लू .. तू मुझे जान ले

में भी पहचान लु .. तू भी पहचान ले

है बहुत ही सरल ..प्रेम का व्याकरण

में तेरी मान लू ..तू मेरी मान ले

कुमार विश्वास के टक्कर का माना जाता है अनामिका जैन अम्बर को

 

Anamika-Ambar-Jain-The-Poetressइनकी कविता के लोग इतने मुरीद है कि लोग इन्हें मशहूर कवि कुमार विश्वास के टक्कर का मानते है और मेडिसिनल प्लांट्स पर पीएचडी कर चुकी इस कवयित्री का कहना है की लोग आज भी कविता को सुनना ही नहीं देखना भी चाहते है | आज यू-ट्यूब और फेसबुक के जरिये मेडिकल और इंजीनियरिंग के छात्र कविताओं में अच्छी खासी दिलचस्पी ले रहे है | इसलिए ये जरुरी है की कवि भी अपनी कविताओं को रोचक अंदाज में उन तक पहुचाये | इस के लिए कवियों को युवाओं से जुड़ने के लिए कविता सुनाने का तरीका भी बदलना पड़ेगा | अगर आप फेसबुक इस्तेमाल करते है तो वह आप अनामिका जैन अम्बर की कविताये आराम से पढ़ सकते है | नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे और अनामिका जैन अम्बर का अन-ऑफिसियल पेज विजिट करे |Anamika-Amber-Jain-Famous-Poetress

https://www.facebook.com/AnamikaJainAmber/

डॉ. अनामिका अम्बर की विख्यात कविताओं में दामिनी और रुक्मणी है जो बहुत मशहूर हुई है | आज कल वो शृंगार रस की कविताएं लिख रही है | वो अपनी हर पंक्ति पर बहुत ज्यादा ध्यान देती है इसलिए उनकी कविताओं को लोग बड़े ही ध्यान से सुनते है | नीचे दी हुई कविता की चार लाइने अनामिका अम्बर ने बुजुर्ग लोगो के लिए कही है |

जैसा तन दिख रहा वैसा मन कीजिये

चीनी कम का न कोई जतन कीजिये

तीर्थ के दौर में प्रेम करते नहीं

ये उम्र है भजन की भजन कीजिये

कुछ और बहुत ही खास पंक्तिया अनामिका अम्बर जैन की ही नीचे दी गयी है |

शाम भी खास है वक्त भी खास है

मुझको अहसास है तुझको भी एहसास है

इससे ज्यादा मुझको और क्या चाहिए

में भी तेरे पास हु तू भी मेरे पास है

यहाँ हम कुमार विश्वास और अनामिका जैन अम्बर का एक विडियो शेयर कर रहे है जो भोपाल में हुए एक कवि सम्मलेन में रिकॉर्ड किया था |

चंदा की चकोरी से कभी बात ना होती

गर तुम से हमारी ये मुलाकात ना होती

इस शहर के लोगो में कोई बात है अम्बर

वरना तो कभी इतनी हसीं रात ना होती

हम आशा करते है वो ऐसे ही सुंदर पंक्तियों को पिरो के और भी अच्छी अच्छी कविताएँ लिख कर हमे अभिभूत करेंगी |

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