गुरमीत राम रहीम के बाद एक और बाबा (फलाहारी बाबा) दुष्कर्म के आरोप में फंसा

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Falahari Baba Accused in Rape

गुरमीत राम रहीम के बाद एक और बाबा रेप के आरोप के चलते विवादों में आ चुके है आज राजस्थान के अलवर जिले में दिव्य धाम संचालित करने वाले फलाहारी बाबा उर्फ़ रामानुजाचार्य स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी के खिलाफ बिलासपुर छत्तीसगढ़ की एक 21 वर्षीय युवती के साथ रिपोर्ट पर दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ और पुलिस ने तत्काल कारवाई करते हुए मधुसुदन आश्रम के उस कमरे को सील कर दिया जहा फलाहारी बाबा रहता था|Falahari baba in satsang

फलाहारी बाबा बिलासपुर के पास पेंड्रा में 3 एकड़ के आश्रम में रहता था और कहा जाता है कि बाबा सिर्फ फल खाता था ये यहां साल के तीन महीने रहने आता था और इसका कमरा बेहद गुप्त होता था, जहां किसी को भी जाने की शख्त मनाही थी। बाबा इसी कमरे में अपनी रात गुजारता था। इसको इन्होंने गुरुगद्दी नाम दिया था। 

क्या है पूरा मामला विस्तार से जाने

पुलिस के अनुसार पीड़ित लड़की के परिवार के बाबा से करीब 25 साल से पारिवारिक रिश्ते थे। जब लड़की ने लॉ करने के बाद इंटर्नशिप पूरा किया तो उसे 5 हजार रुपए का मानदेय मिला।

इसी खुशी को बाबा से शेयर करने और आशीर्वाद लेने के लिए वह 7 अगस्त को बाबा के अलवर आश्रम पहुंची। यहां शाम करीब 7 बजे बाबा ने उसे मंदिर में बेसमेंट में बने हुए एक कमरे में ठहराया। साथ ही बाबा ने यहां मौजूद बाकी लोगों को आरती में शामिल होने के लिए भेज दिया।Falahari Baba During Deeksha

लोगो के जाते ही बाबा ने लड़की को अकेला पाकर कमरे का गेट बंद कर दिया और उसके साथ अश्लील बातें करने के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी और बाबा ने लड़की के साथ सेक्शुअली हैरेस किया।

जिस समय बाबा हरकत कर रहा था उसी समय आश्रम का एक बालक आया और बाहर से दरवाजा खटखटाने लगा|दरवाजे पर आहट होने पर बाबा ने उसे छोड़ दिया। वह किसी तरह कमरे से भाग कर बाहर आई। आश्रम से निकल पर पड़ोस में वेद विद्यालय के कमरे में खुद को बंद कर रात बिताई।BABA-KA-GUPT-KAMRA

सुबह लड़की को बाबा के शिष्य रेलवे स्टेशन छोड़ कर आए और वह दिल्ली में अपने भाई के पास पहुंची। घटना के बाद लड़की आश्रम से दिल्ली रह रहे अपने भाई के पास पहुंची और उसे अपनी पूरी आपबीती बताई। इसके बाद दोनों भाई-बहन ने बिलासपुर पहुंचकर अपने माता-पिता को बाबा की करतूत के बारे बताया और बिलासपुर महिला थाने में शारीरिक शोषण का मामला दर्ज कराया।

कौन है ये फलाहारी बाबा और कैसे चलता है आश्रम

जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज का पेण्ड्रा में 3 एकड़ में आश्रम है।
आश्रम में फलाहारी महाराज के गुरु रामानुज आचार्य ने इनको गद्दी सौंपी थी। पेण्ड्रा व आसपास के इलाके में बाबा के करीब 10 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।

दुष्कर्म के आरोपी बाबा इस आश्रम में सालभर में करीब तीन महीने गुजारते थे। पेण्ड्रा क्षेत्र के कई बड़े व्यवसायी उनके शिष्य हैं और मोटी रकम चंदा के रूप में देते हैं।

मंदिर के पुजारी को भी नहीं थी बाबा के कांड की भनक

इन्हीं पैसे से आश्रम संचालित होता है। मंदिर के पुजारी श्याम जी महाराज को भी बाबा की करतूतों के बारे में जानकारी नहीं थी। जानकारी भी कैसे हो, बाबा के गुप्त कमरे में किसी को जाने या उसके आसपास फटकने की भी इजाजत नहीं होती थी।

बातचीत में उसने बताया कि इस समय वह बीमार हैं और राजस्थान में इलाज करा रहे हैं। पेण्ड्रा के इस आश्रम में प्रसाद के नाम पर उबले हुए चने दिए जाते है।Swami Kaushalendra Maharaj Ka Ashram

पहला पुजारी भी था दुष्कर्मी

पेण्ड्रा में रह रहे लोगों के अनुसार, फलाहारी महाराज के पहले दुर्गा मंदिर आश्रम की देखरेख करने की जिम्मेदारी जिस पुजारी को मिली थी वह भी दुष्कर्मी था।
आश्रम परिसर में रह रही एक महिला के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश में वह रंगे हाथो पकड़ा गया था जिसके बाद वह फरार हो गया था |

 

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